CLICK HERE FOR BLOGGER TEMPLATES AND MYSPACE LAYOUTS »

Thursday, August 18, 2011

लाल, बाल, पाल जैसे वीरों की बदौलत बनी स्वाधीन मेरी माँ,
ऐ सियासी पुतले, इस देश को अपनी रखैल मत बना ||

0 comments: